पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गुरुवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने चार मुस्लिम पशु व्यापारियों की बेरहमी से पिटाई की। आरोपियों ने व्यापारियों के हाथ बांध दिए और उन्हें सड़कों पर घुमाते हुए कान पकड़ने के लिए मजबूर किया। यह घटना कोक ओवन थाना क्षेत्र के गैमन इलाके में स्थानीय पुलिस स्टेशन से मात्र 200 मीटर की दूरी पर हुई।
जानकारी के अनुसार, ये व्यापारी 20 गायों को मिनी ट्रक में लेकर जा रहे थे। उनके पास वैध दस्तावेज मौजूद थे, जो साबित करते थे कि उन्होंने ये गायें बांकुड़ा के मवेशी बाजार से खरीदी हैं। इसके बावजूद, भीड़ ने उन पर “गाय तस्करी” का आरोप लगाया और यहां तक कि उन्हें “बांग्लादेशी” कहकर अपमानित किया। पीड़ितों ने अपने भारतीय नागरिकता के दस्तावेज दिखाकर इन आरोपों को गलत बताया।
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने बयान जारी कर कहा,
“अल्पसंख्यक समुदाय के दो लोगों को खेती के उद्देश्य से मवेशी ले जाते समय कुछ असामाजिक तत्वों ने बुरी तरह पीटा। मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य में धार्मिक नफरत के लिए कोई जगह नहीं है।”
स्थानीय भाजपा नेता परिजात गांगुली, जिन्होंने इस कार्रवाई की अगुवाई की थी, ने कहा कि उनका उद्देश्य गाय तस्करी रोकना था। उन्होंने दावा किया कि पिटाई में उनका हाथ नहीं था और यह “स्थानीय लोगों की नाराजगी” थी। इस घटना के बाद सियासत गरमा गई है। टीएमसी के पंडबेश्वर विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि
“पुलिस थाने से कुछ ही दूरी पर यह घटना हुई और फिर भी कोई रोकथाम नहीं हुई। अगर दोषियों को 24 घंटे में गिरफ्तार नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन होगा।”
भाजपा के कुछ अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस घटना से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। पार्टी के राज्य नेतृत्व ने संकेत दिया है कि दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।दुर्गापुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना फिर से राज्य में धार्मिक असहिष्णुता और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।