लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, लेकिन सरकार अब तक यह बताने में नाकाम रही कि यह हमला आखिर कैसे हुआ।प्रियंका गांधी ने कहा कि बैसरन घाटी में हजारों पर्यटक आते हैं, फिर भी वहां एक भी सुरक्षा कर्मी मौजूद क्यों नहीं था। उन्होंने पूछा, “क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है? सरकार बताए कि लोगों को भगवान के भरोसे क्यों छोड़ दिया गया।”
उन्होंने यह भी कहा कि क्या किसी सरकारी एजेंसी को इस आतंकी हमले की साजिश की जानकारी नहीं थी। “अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और अगर जानकारी नहीं थी तो यह खुफिया एजेंसियों की नाकामी है,” प्रियंका गांधी ने कहा।कांग्रेस सांसद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम की घोषणा को लेकर भी मोदी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि युद्ध रोका गया और इसकी घोषणा भारत सरकार या सेना की बजाय अमेरिका के राष्ट्रपति ने की। यह प्रधानमंत्री की गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है।
प्रियंका गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली दंगे और मणिपुर हिंसा जैसी घटनाएं उनके कार्यकाल में हुईं, लेकिन वे अब भी अपने पद पर बने हुए हैं। “लीडरशिप का मतलब सिर्फ़ क्रेडिट लेना नहीं होता, जिम्मेदारी लेना भी ज़रूरी है,” उन्होंने कहा।उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार हमेशा सवालों से भागती है और जनता के प्रति इसकी कोई जवाबदेही नहीं है। “इस सरकार के लिए सब कुछ राजनीति और पब्लिसिटी है, जनता की सुरक्षा और इंसाफ़ इनके एजेंडे में कहीं नहीं है,” प्रियंका गांधी ने कहा।