महार्षि विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले 17 वर्षीय मुस्लिम छात्र मोहम्मद आरिश की बेरहमी से पिटाई के बाद मौत हो गई। यह हमला 23 जुलाई को तब हुआ जब आरिश स्कूल से घर लौट रहा था। हमलावरों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या सोची-समझी साजिश थी।
घटना काशीराम कॉलोनी के पास की है, जहां तीन युवक – हर्षवर्धन पांडेय, दीपक सविता और भरत सरकार – आरिश के इंतज़ार में पहले से मौजूद थे। “जैसे ही मेरा नाती वहां पहुंचा, उन्होंने गालियां दीं और बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। वो मौके पर ही बेहोश हो गया। लोगों ने एंबुलेंस बुलाई। उसे खून की उल्टी भी हुई,” यह कहना है आरिश के दादा रुआब अहमद का।
आरिश को पहले फतेहपुर के सदर अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए कानपुर भेजा गया, लेकिन 24 जुलाई को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।कोतवाली थाने में एफआईआर नंबर 0291/2025 दर्ज हुई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अभी भी फरार है। “हम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रहे हैं,” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया।
परिवार ने बताया कि करीब दो महीने पहले हर्षवर्धन पांडेय का आरिश से विवाद हुआ था। हर्षवर्धन पहले इसी स्कूल का छात्र था और अब एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़ा हुआ है। “वो आरिश को लगातार धमका रहा था,” एक रिश्तेदार ने कहा।
परिजनों ने सरकार और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
“यह सिर्फ हमारे बच्चे की बात नहीं है, हम चाहते हैं कि किसी और परिवार के साथ ऐसा न हो,” दादा रुआब अहमद ने कहा। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।